या कैद मखमली यादाओं का
जकड़ गई दुनिया मेरी
बस यही किया तुमने तैय रास्ता ?
बात मैं बता दूं तुम्हे
ये दुनिया मुझे खाने चली
नोच- नोच के बोटी मेरी
फिर मुझे सजाने चली
कल कोई और था
तो आज कोई और है
हाय ! किस्मत मेरी
मिलता मुझे इसका का मोल है
कहुँ मैं अब और क्या
ज़िंदगी मेरी ख़ाक-सी
दर्द में ही उलझी
कहानी रात से ही रात की
इतना सुना, तो सुनो एक और बात
जमाने ने मुझे कई नाम दिए
लेकिन आज तक, मेरे नाम बेनाम ही

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