दिल लुभानेवाले गानों का दौर हर समय बहुत लोगों के ज़हन में फूलों की सुगन्ध कि तरह महकता रहता हैं। बात ही क्या उस समय की जब सब कुछ इतने आसान और खुबसूरत तरीके से कह दिया जाता, मानों कोई चासनी में पड़ी जलेबी को खिला रहा हो। वो गाना तो आपने सुना ही होगा “ इशारों-इशारों में दिल लेने वाले, बता यें हुनर तूने सिखा कहां से”, ऐसे ही मनोरम गीत जिन्हें सुनकर राहत मिलती है, तो कुछ ऐसे जिन्हें सुनकर थिरक उठने का मन करता है। समय के साथ सब कुछ बदल जाता है और लोगों की आदतों में नयापन समाहित होने लगता है। संगीत भी उन्हीं में से एक है।
आज का परिपेक्ष
एक ज़माना था जब लोग “उड़े जब-जब जुल्फ़े तेरी, कवारेंओं का दिल मचले” सुन के मद्होश हो जाया करते थे। इसका एक कारण यह भी था कि इसे पहले पंजाबी भाषा का बॉलीवुड इंडस्ट्री में प्रयोग नहीं होता था। यह वही गाना है जिसपर आप ने अपने माता-पिता को थिरकते देखा होगा। ऐसे ही कई गानों कि श्रृंखला, जिनके तले रहना सुकून देता है, लेकिन आज-कल के सभी बच्चों और युवाओं के आकर्षण का केंद्र अलग ही तरह के गाने है। जो सुनने में तो सरल जान पड़ते है पर अटपटे और अशलिल होते है। अक्सर यह गानें ट्रेंडी वर्ड्स, फैशन और हिप-हॉप कल्चरल के पीछे भागते नज़र आते है। सच पूछा जाए तो लगभग सभी गानों में कोई-न-कोई पैराग्राफ ऐसा होता है जिसके कारण गानों से मन खींचता जाता है।
कुछ टाईम पहले आया गाना शायद आपने सुना होगा जिसकी पंक्तियां कुछ इस तरह है “अच्छी मजा आई, अच्छी मजा आई, तेरी जैसिवों के साथ ऐसा ही होना था” मतलब तो आप समझ सकते है। खैर, देखा जाए तो सभी गाने ऐसे नहीं होते, कुछ बहुत ही प्यारे, भावुकता से परिपूर्ण और संदेशप्रद होते है।
दरअसल, समय के साथ-साथ गानों का स्तर गिरते जा रहा है और इसका केवल एक ही कारण है बेढ़बे शब्द। दूसरी ओर कोई लोगों को इस तरह के गानें प्रभावित करते है और उनके विचार में यह रचनात्मकता के बढ़ते हुए स्वरूप को दिखाता है। अचंभा होता है जब युवाओं, किशोरों और बच्चों को इन गानों को गुनगुनाते सुनती हूं। इससे एक बात साफ हो जाती है कि आज के गाने सरल, ट्रेडिंग व अंग्रेजी लफ़्जों को मिला कर बनने है।
प्रभाव का कारण
• नया और रचनात्मकता की होड़
• वेस्टर्न कल्चर का प्रभाव
• बदलते संगीत और लोगों कि डिमानड का असर
• सभी प्रकार की भावनाओं को गानों में पिरोना
• सरल माध्यम द्वारा लोगों तक पहुंचना
• बदलते संगीत और लोगों कि डिमानड का असर
• सभी प्रकार की भावनाओं को गानों में पिरोना
• सरल माध्यम द्वारा लोगों तक पहुंचना
इन्हीं कारणों से युवाओं को इस तरह के गाने सरल व प्रभावशील लगते है। लेकिन हमें अपनी सोच को बदलकर केवल उन्हीं गानों की डिमान्ड करनी चाहिए जो सुनने योग हो।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बदलते स्वरूप को दिखाने, सुनने और पूराने को इकट्ठा करने का बेहतर माध्यम सिध्द् हुआ है। चाहे पूराने ग्रंथो से लेकर नए पुस्तकें हो, किसी भी विषयें के बारें में जानकारी हो, शोधपेपर हो या फिर ऑनलाइन कुछ भी खरीदना हो। सब बड़ी आसानी से हो जाता है।उसी तरह पूराने से लेकर नए गानें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बहुत आसानी से व बहुत ही जल्दी मिल जाते है।
युवा और संगीत की पंक्तियां
आज-कल का युवा फैशन के नाम पर अच्छी या बुरी चीजों का चयन करने में अक्सर भूलकर देता है। उस प्रकार संगीत को लोग मनोरंजन के लिए सुनते है लेकिन मनोरंजन के नाम पर भदे और अनर्गल शब्दों वाले गानें युवाओं को बहुत भाने लगे है। संगीतकर और युवाओं को न ही ऐसे गाने बनाने चाहिए और न ही सुनने चाहिए। यह ध्यान देने योग है कि लोगों कि रूचि में इतना परिवर्तन क्यों आ रहा है? जिसके कारण लोगों को अंतर नहीं दिखता।
