प्रकाश देकर आया जन में
किसके अब नाम पर
परिवर्तन कहूं मैं उसको
या क्रांति का नाम दूं
भारत माता के चरणों में
अपना जीवन वार दूं
कभी भगत, तो कभी शिवाजी
नाम बदलते जा रहे
परिवर्तन के नाम पर
चिरग जलते जा रहे
होगी ऐसी रीत
ना सोच पाए वे वीर
आज हम उनकी आहूति
के प्रति नहीं हैं गंभीर
सिमटा दिया उनके बलिदानों को
गली चैराहे दीवारों में
नहीं रख पाए उनके आदर्श
स्वंय के विचारों में, मन में
लौ जाला लो मन में
चिराग जला लो मन में
आज परिवर्तन कि बारी है
क्रांति अब जा़री है
ना नाम भर रह जाये
इसलिए करते हम तैयारी है
किसके अब नाम पर
परिवर्तन कहूं मैं उसको
या क्रांति का नाम दूं
भारत माता के चरणों में
अपना जीवन वार दूं
कभी भगत, तो कभी शिवाजी
नाम बदलते जा रहे
परिवर्तन के नाम पर
चिरग जलते जा रहे
होगी ऐसी रीत
ना सोच पाए वे वीर
आज हम उनकी आहूति
के प्रति नहीं हैं गंभीर
सिमटा दिया उनके बलिदानों को
गली चैराहे दीवारों में
नहीं रख पाए उनके आदर्श
स्वंय के विचारों में, मन में
लौ जाला लो मन में
चिराग जला लो मन में
आज परिवर्तन कि बारी है
क्रांति अब जा़री है
ना नाम भर रह जाये
इसलिए करते हम तैयारी है