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Wednesday, 14 February 2018

चिराग

 
 
 
प्रकाश देकर आया जन में
किसके अब नाम पर
परिवर्तन कहूं मैं उसको
या क्रांति का नाम दूं
भारत माता के चरणों में
अपना जीवन वार दूं

कभी भगत, तो कभी शिवाजी
नाम बदलते जा रहे
परिवर्तन के नाम पर
चिरग जलते जा रहे

होगी ऐसी रीत
ना सोच पाए वे वीर
आज हम उनकी आहूति
के प्रति नहीं हैं गंभीर
सिमटा दिया उनके बलिदानों को
गली चैराहे दीवारों में
नहीं रख पाए उनके आदर्श
स्वंय के विचारों में, मन में

लौ जाला लो मन में
चिराग जला लो मन में
आज परिवर्तन कि बारी है
क्रांति अब जा़री है
ना नाम भर रह जाये
इसलिए करते हम तैयारी है



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